




2026-05-16 15:40:04
संघियों की परंपरागत आदत रही है कि हमेशा उपदेश भोली-भाली जनता को दो, बारंबारता के द्वारा उसे उनके मन और मस्तिष्क में स्थापित कर दो, मगर उन सभी बातों को अपने जीवन में आत्मसात मत करो। संघियों के महाकवि तुलसीदास ने इन सभी ब्राह्मणवादी मानसिकता के धुरंधरों को रामचरितमानस के (लंकाकांड) की चौपाई में बताया है, ‘पर उपदेस कुसल बहुतेरे। जे आचरहिं ते नर न घनेरे॥’ जिसका अर्थ है- दूसरों को उपदेश या सलाह (सीख) देना बहुत आसान है, लेकिन स्वयं उन पर अमल करना या उन्हें जीवन में अपनाना अत्यंत कठिन है। यह चौपाई संघियों के कथित विश्व गुरु पीएम मोदी जी पर बिलकुल उपयुक्त बैठती है। मोदी जी जब से गुजरात और केंद्र की सत्ता में स्थापित हुए है तभी से वे इस देश की जनता को झूठ, छलवे और नौटंकियाँ ही परोस रहे हैं। हाल ही में मोदी जी ने देश की आम जनता से अपील करते हुए उपदेश दिया कि जहां तक संभव हो वर्क फ्राम होम को प्राथमिकता दे; अगले एक वर्ष तक सोना खरीदने से बचे; पेट्रोल और डीजल की खपत कम करें; मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें; खाद्य तेल का उपयोग सीमित करें;
और अनावश्यक खपत कम करें; रसायनिक उरवर्कों पर निर्भरता कम करें तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दें; विदेशी ब्राण्डों के उत्पादों का इस्तेमाल कम करें और स्वदेशी अपनाए; अगले एक वर्ष तक विदेश यात्राओं से बचें।
उपरोक्त उपदेशों के साथ-साथ बहुत सारे अन्य उपदेश भी मोदी जी ने देश की जनता को परोसे हैं। उपदेश देने में वे सबसे अग्रणीय बेशर्म भी है, अपने ही उपदेशों पर मोदी जी तनिक भी आचरण नहीं करते; पूरे देश की जनता जानती है कि मोदी जी स्वयं दिन में 4-6 बार अपनी पोशाक बदलते हैं; महंगे ब्रांडीड सूट पहनते हैं; विदेशी घड़ियाँ और विदेशी गाड़ियों का इस्तेमाल करते हैं; साढ़े 8 हजार करोड़ के विमान में यात्राएं करते हैं; संघी लाव-लश्कर के साथ विदेशों में जाकर अपनी नौटंकियों का रंगमंच लगाकर सैकड़ों हजारों करोड़ रुपए देश की जनता के खर्च करते हैं। मोदी जी का अभी तक का आम आचरण रहा है कि जब भी वे विदेश यात्राओं पर जाते हैं, उसी दिन वे देश की जनता के ऊपर महंगाई का बोझ डालकर विदेश निकल जाते हैं। हालही में उन्होंने दूध के दाम, 2-3 रुपए प्रति लीटर बढ़ा दिये हैं, डीजल और पेट्रोल 3 रुपए प्रति लीटर महंगा कर दिया है, डॉलर का भाव 96.14 रुपए प्रति डॉलर पहुँच चुका है। ताजा रिपोर्टों के आधार पर पता चल रहा है कि भारत विश्व में सबसे बड़ा कर्जदार देश बन चुका है जिसे देखकर भी मोदी संघी अंधभक्त अंजान बने हुए हैं। ऐसी स्थिति देखकर संघी-भाजपा देश की आम जनता को यह बताए कि उनका राष्ट्रवाद का नारा इतना खोखला और झूठा क्यों है? मोदी जी के ये सभी कृत्य राष्ट्र विरोधी और आम जनता विरोधी है, संघी अंधभक्त देश की जनता को यह बताने का भी कष्ट करें कि मोदी जी ने देश को ऐसी विकराल स्थिति में पहुंचा दिया है कि अब उसके कारण जनता का दम घुटने लगा है। 15 मई से मोदी जी 5-दिवसीय विदेश यात्रा यूएई, नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली के भी दौरे पर हैं। इन सभी विदेशी यात्राओं के कार्यक्रम से देश की जनता आसानी से समझ सकती है कि मोदी जी विदेशी यात्राओं को न करने का उपदेश जो जनता को दे रहे थे वे अपने पर लागू क्यों नहीं कर रहे? मोदी जी ने अपने 12 साल के प्रधानमंत्रित्व काल में जितनी भी विदेश यात्राएं की और उनपर जो अकूत धन खर्च किया वह देश की जनता का ही धन था। मोदी जी के मुकाबले में आज तक इतनी यात्राएं और धन खर्च किसी भी प्रधानमंत्री ने नहीं किया।
उपरोक्त संक्षिप्त विवरण के आधार पर समझा जा सकता है कि मोदी जी को न देश की जनता की फिक्र है और न देश की गिरती आर्थिक व्यवस्था की फिक्र है, आज देश विश्व के अन्य देशों के मुकाबले सबसे अधिक कर्जदार है, देश की आम जनता महंगाई से त्राहि-त्राहि कर रही है, मोदी जी का उस पर कोई ध्यान नहीं है। मोदी जी का इस तरह का आचरण जनता को देश विरोधी दिख रहा है, शायद अंधभक्तों को छोड़कर!





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