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125वें स्थान पर पहुंची भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग

नामीबिया, फिलीपींस और उज्बेकिस्तान से भी पीछे
News

2026-07-11 16:57:06

नई दिल्ली। वर्ष 2026 में ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स (जीपीआई) के छठे संस्करण में भारत का पासपोर्ट 197 देशों में 125वें स्थान पर रहा। यह पिछले साल की तुलना में एक पायदान नीचे है. 2021 से 2023 तक लगातार तीन वर्षों में भारत 127वें स्थान पर था और पिछले साल रैंकिंग में मामूली सुधार के साथ यह 124वें स्थान पर आ गया था. खास बात यह है कि भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग नामीबिया (124वां स्थान) से भी नीचे है. भारत फिलीपींस, मोरक्को और उज्बेकिस्तान से भी नीचे है. वहीं अजरबैजान भारत से एक पायदान नीचे 126वें स्थान पर है, जबकि पाकिस्तान इंडेक्स में सबसे नीचे 188वें स्थान पर है। यह रैंकिंग ग्लोबल सिटिजन सॉल्यूशंस द्वारा जारी की जाती है। यह एक निजी ग्लोबल मोबिलिटी कंसल्टेंसी और रिसर्च आॅर्गनाइजेशन है, जो किसी देश के पासपोर्ट की कुल मजबूती का आकलन वैश्विक यात्रा सुविधा, निवेश क्षमता और जीवन की गुणवत्ता जैसे मानकों के आधार पर करती है। जीसीएस अपनी रैंकिंग तैयार करने के लिए 15 प्रमुख संकेतकों का उपयोग करता है, जिन्हें तीन मुख्य स्तंभों में विभाजित किया गया है।

उन्नत गतिशीलता सूचकांक 50%: इसमें वीजा-मुक्त या वीजा-सुविधा वाले देशों तक पहुंच और पासपोर्ट धारक के देश की जीवन-गुणवत्ता के आधार पर वैश्विक आकर्षण का मूल्यांकन किया जाता है।

निवेश सूचकांक 25%: इसमें देश की विश्व आर्थिक मंच के वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक, सकल राष्ट्रीय आय (जीएनआई) और व्यक्तिगत आयकर दर जैसे मानकों को शामिल किया जाता है।

जीवन-गुणवत्ता सूचकांक 25%: इसमें सतत विकास, जीवन-यापन की लागत और खुशहाली सूचकांक को आधार बनाया जाता है।

भारतीय पासपोर्ट धारकों को लगभग 88 देशों में प्रवेश के लिए वीजा की आवश्यकता होती है। इनमें अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, फ्रांस, चीन और संयुक्त अरब अमीरात जैसे प्रमुख देश शामिल हैं। हाल के दिनों में भारतीय पासपोर्ट चर्चा में रहा है, क्योंकि विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा था कि पासपोर्ट एक यात्रा दस्तावेज है, न कि नागरिकता का दस्तावेज।

इस विवाद पर टिप्पणी करते हुए पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मदन बी. लोकुर ने द वायर में लिखा, पासपोर्ट सरकार का सबसे मजबूत और आधिकारिक सबूत होता है कि इसके धारक को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय नागरिक के तौर पर मान्यता दी गई है।

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01 जनवरी : मूलनिवासी शौर्य दिवस (भीमा कोरेगांव-पुणे) (1818)

01 जनवरी : राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले और राष्ट्रमाता सावित्री बाई फुले द्वारा प्रथम भारतीय पाठशाला प्रारंभ (1848)

01 जनवरी : बाबा साहेब अम्बेडकर द्वारा ‘द अनटचैबिल्स’ नामक पुस्तक का प्रकाशन (1948)

01 जनवरी : मण्डल आयोग का गठन (1979)

02 जनवरी : गुरु कबीर स्मृति दिवस (1476)

03 जनवरी : राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले जयंती दिवस (1831)

06 जनवरी : बाबू हरदास एल. एन. जयंती (1904)

08 जनवरी : विश्व बौद्ध ध्वज दिवस (1891)

09 जनवरी : प्रथम मुस्लिम महिला शिक्षिका फातिमा शेख जन्म दिवस (1831)

12 जनवरी : राजमाता जिजाऊ जयंती दिवस (1598)

12 जनवरी : बाबू हरदास एल. एन. स्मृति दिवस (1939)

12 जनवरी : उस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद ने बाबा साहेब को डी.लिट. की उपाधि प्रदान की (1953)

12 जनवरी : चंद्रिका प्रसाद जिज्ञासु परिनिर्वाण दिवस (1972)

13 जनवरी : तिलका मांझी शाहदत दिवस (1785)

14 जनवरी : सर मंगूराम मंगोलिया जन्म दिवस (1886)

15 जनवरी : बहन कुमारी मायावती जयंती दिवस (1956)

18 जनवरी : अब्दुल कय्यूम अंसारी स्मृति दिवस (1973)

18 जनवरी : बाबासाहेब द्वारा राणाडे, गांधी व जिन्ना पर प्रवचन (1943)

23 जनवरी : अहमदाबाद में डॉ. अम्बेडकर ने शांतिपूर्ण मार्च निकालकर सभा को संबोधित किया (1938)

24 जनवरी : राजर्षि छत्रपति साहूजी महाराज द्वारा प्राथमिक शिक्षा को मुफ्त व अनिवार्य करने का आदेश (1917)

24 जनवरी : कर्पूरी ठाकुर जयंती दिवस (1924)

26 जनवरी : गणतंत्र दिवस (1950)

27 जनवरी : डॉ. अम्बेडकर का साउथ बरो कमीशन के सामने साक्षात्कार (1919)

29 जनवरी : महाप्राण जोगेन्द्रनाथ मण्डल जयंती दिवस (1904)

30 जनवरी : सत्यनारायण गोयनका का जन्मदिवस (1924)

31 जनवरी : डॉ. अम्बेडकर द्वारा आंदोलन के मुखपत्र ‘‘मूकनायक’’ का प्रारम्भ (1920)

2024-01-13 16:38:05